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एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (एसएपीडीसी)

नेपाल में 900 मेगावाट अरुण-3 परियोजना और पारेषण प्रणाली का कार्यान्वयन।

412 मेगावाट स्थापित क्षमता वाला रामपुर जलविद्युत स्टेशन, उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू जिलों में स्थित है। यह स्टेशन सतलुज नदी पर, जो सिंधु बेसिन की प्रमुख सहायक नदी है, निर्मित किया गया है। रामपुर जलविद्युत स्टेशन को प्रति वर्ष 1878 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है। यह संयंत्र 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (रन ऑफ द रिवर संयंत्र) के साथ अग्रानुक्रम (Downstream) में स्थापित है। परियोजना के निष्पादन हेतु भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच अक्टूबर, 2004 में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

परियोजना के मुख्य निर्माण कार्य फरवरी, 2007 में आरंभ हुए। हेड रेस टनल (HRT), सर्ज शाफ्ट, वाल्व हाउस, विद्युत गृह, टेल रेस टनल (TRT) तथा अन्य सहायक कार्यों को पूर्ण करने के पश्चात् जल संवहन प्रणाली में पानी भरने का कार्य बिना किसी रिसाव के मार्च, 2014 में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

परियोजना का वित्तपोषण 70:30 के ऋण-इक्विटी अनुपात के आधार पर किया गया है। यह परियोजना विश्व बैंक से वित्त पोषित थी। मार्च, 2006 के मूल्य स्तर पर परियोजना की अनुमानित लागत ₹2047.06 करोड़ थी। पीआईबी ने ₹4233.21 करोड़ की संशोधित लागत अनुमान के अनुमोदन हेतु सिफारिश की थी।

रामपुर जलविद्युत स्टेशन से उत्पन्न विद्युत को विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उत्तरी क्षेत्र के राज्यों — हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड — को उनकी निर्धारित प्रतिशतता के अनुसार आबंटित किया गया है।

परियोजना की छह उत्पादन इकाइयों को दिसंबर, 2014 तक निम्नानुसार क्रमिक रूप से कमीशन किया गया:

इकाई संख्याकमीशनिंग / सिंक्रोनाइज़ेशन की तिथिसीओडी (COD)
#119.03.201413.05.2014
#221.03.201413.05.2014
#530.03.201413.05.2014
#412.06.201418.06.2014
#331.07.201408.08.2014
#604.12.201416.12.2014

रामपुर परियोजना को अपस्ट्रीम 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना के साथ अग्रानुक्रम में कार्य करने के लिए डिजाईन किया गया है ।

रामपुर परियोजना बड़ी अपस्ट्री म परियोजना से आऊटफ्लो पानी को ग्रहण करती है ।

10.50 मी. व्या स के साथ 15.177 कि.मी. लंबी एक हेड रेस कंक्रीट लाईन सुरंग ।

38 मी. व्या स के साथ एक 165 मी. ऊंचा सर्जशाफ्ट जो आकाश की ओर खुला है ।

एक भूतल प्रकार का वाल्व हाऊस ।

119.10 मीटर के डिजाईन हेड के उपयोग हेतु 68.67 मेगावाट प्रत्येकक की छह वर्टिकल एक्सिस फ्रांसिस टरबाईनों के लिए एक भूतल विद्युत ग्रह ।

एक ओपन चैनल के साथ 10.50 मी. व्यामस वाली 67.15 मी. लंबी हार्स शू प्रकार तथा कंक्रीट लाईन्ड टेल रेस टनल।

मार्च, 2006 के मूल्य स्तर और ऋण इक्विटी अनुपात 70:30 की दर पर परियोजना की नई आकलित लागत 2047.03 करोड़ रुपए है, जिसमें मार्च,2006 के मूल्य स्तर पर 260.41 करोड़ रुपए एवं 1.46 करोड़ रुपएराशि के क्रमशः निर्माणावधि ब्याज (आईडीसी) एवं वित्तीय शुल्क (एफसी) शामिल हैं। परियोजना पूरा करने की लागत भारत सरकार के अनुमोदन के अधीन है।

क्र. सं.माइलस्टोन का नामतिथि
1कार्यान्वयन समझौता को हस्ताक्षर करने की तिथि20.10.2004
2सीपीडी द्वारा एपीडीआर मंजूरी09.12.2005
3मंत्रिमंडल द्वारा पर्यावरण मंजूरी31.03.2006
4मंत्रिमंडल द्वारा वन मंजूरी07.04.2006
5पीआईबी मंजूरी25.07.2006
6सीसीईए मंजूरी25.01.2007
7मुख्य सिविल कार्यों की अवार्ड करना01.02.2007
8मुख्य इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों की अवार्ड करना16.09.2008
9एचआरटी खुदाई24.07.2013
10बोंग खोदाई20.02.2013
11औल्ड टनलिंग19.08.2013
12इनलेट टनलिंग24.11.2013
13एडिट की पूर्णता 
 i) काजो30.04.13
 ii) कुनी22.02.14
 iii) कश्योली20.02.14
 iv) गोशाई23.01.14
 v) बायाल21.02.14
14सर्ज शाफ्ट 
 i) पायलट खुदाई31.01.2009
 ii) बढ़ाई08.04.10
 iii) लाइनिंग31.08.12
 iv) गेट इंस्टॉलेशन25.02.14
15पेन्स्टॉक 
 i) फैब्रिकेशन31.05.12
 ii) एरैक्शन12.03.14
16बीवीओपी30.11.13
17जीआईएस04.04.13
18विद्युत गृह30.09.13
19टेल गेट25.01.14
20रायज़र गैलरी31.05.13
21टीआरटी आउटलेट31.05.13
22एचआरटी फिलिंग 
 i) आरंभ23.02.14
 ii) समाप्त14.03.14
क्र. सं.विवरणसिंक्रोनाइज़ेशनकमीशनिंगसीओडी
1यूनिट #131.01.1319.03.1413.05.14
2यूनिट #226.02.1321.03.1413.05.14
3यूनिट #304.01.1431.07.1408.08.14
4यूनिट #412.09.1312.06.1418.06.14
5यूनिट #527.04.1330.03.1413.05.14
6यूनिट #616.12.1304.12.1416.12.14