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सतर्कता विभाग के उत्तरदायित्व

सतर्कता विभाग विशेष रूप से सार्वजनिक खरीद और भर्तियों आदि से संबंधित संगठन की प्रणालियों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काम करता है। सतर्कता के कार्यों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जो निम्नानुसार हैं :

(i) निवारक सतर्कता
(ii) दंडात्मक सतर्कता
(iii) निगरानी और पता लगाना

सीवीसी द्वारा अपने सतर्कता मैनुअल, परिपत्रों और कार्यालय ज्ञापन आदि के माध्यम से जारी किए गए सभी निर्देशों और सरकार के सभी निर्देशों को लागू करने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। भारत का ताकि भ्रष्टाचार मुक्त शासन स्थापित किया जा सके। शिकायतों का समय पर निपटान, सीवीसी की सलाह का कार्यान्वयन, अनुशासनात्मक कार्यवाही को समय पर पूरा करने को उच्च प्राथमिकता दी जाती है। आवधिक, औचक और सीटीई प्रकार के निरीक्षणों और ऑडिट रिपोर्टों की जांच के माध्यम से सिस्टम में सुधार किए जाते हैं। सतर्कता विभाग को सीबीआई के साथ लगातार संपर्क में रहने की जरूरत है और एक सहमत सूची और संदिग्ध निष्ठा वाले अधिकारियों की सूची तैयार करने सहित सतर्कता संबंधी मुद्दों पर सीबीआई के साथ समन्वय करना होगा।