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कंपनी का परिचय

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एसजेवीएन लिमिटेड के बारे में

एसजेवीएन लिमिटेड विद्युत मंत्रालय के नियंत्रणाधीन एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जिसकी स्थापना 24 मई,1988 को भारत सरकार तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में की गई थी । एसजेवीएन अब एक सूचीबद्ध कंपनी है जिसमें उसके शेयरहोल्डर पैटर्न के तहत भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार एवं जनता का क्रमशः 55.00% , 26.85% एवं 18.15% का इक्विटी अंशदान शामिल है । एसजेवीएन की मौजूदा भुगतान की गई पूंजी तथा अधिकृत शेयर पूंजी क्रमशः 3929.80 करोड़ तथा 7000 करोड़ रूपए है । एसजेवीएन की कुल पूंजी दिनांक 31.03.2025 को 14282.10 करोड़ रूपए है ।

एक परियोजना और एक राज्य (यानी हिमाचल प्रदेश में भारत के सबसे बड़े 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन) से शुरुआत करते हुए, कंपनी ने कुल 4196.50 मेगावाट की स्थापित क्षमता तथा 123 किमी ट्रांसमिशन लाइन समेत कुल पंद्रह परियोजनाओं की कमीशनिंग कर ली है । एसजेवीएन वर्तमान में भारत के पड़ोसी देश जैसे नेपाल के अलावा भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, असम, मिजोरम, मध्य प्रदेश, कर्नाटक तथा छत्तीसगढ़ में विद्युत परियोजनाओं का निष्पादन कर रहा है ।

हमारा प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो

एसजेवीएन का लक्ष्य 2030 तक 25000 मेगावाट कंपनी और 2040 तक 50000 मेगावाट कंपनी बनना है। वर्तमान में, एसजेवीएन का कुल परियोजना पोर्टफोलियो 21374 मेगावाट है, जिसमें से 4196.50 मेगावाट परिचालन में, 4059.50 मेगावाट निर्माणाधीन, 2799 मेगावाट पूर्व-निर्माण और 10319 मेगावाट एस एंड आई चरण में है ।

अधीनस्‍थ कंपनियां

नेपाल में 900 मेगावाट अरुण-3 परियोजना और पारेषण प्रणाली का कार्यान्वयन।

नेपाल में 669 मेगावाट लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना का कार्यान्वयन।

बिहार में 1320 मेगावाट की बक्‍सर ताप विद्युत परियोजना के निष्‍पादन के लिए स्‍थापित पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली अधीनस्‍थ कंपनी I

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में क्षमता वृद्धि के लिए पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्‍थ कंपनी ।

संयुक्‍त उपक्रम

भारत और नेपाल सीमा पर सुरसंड से मुजफ्फरपुर, 86 किलोमीटर लंबी, 400 केवी डी/सी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण तथा अनुरक्षण के लिए क्रमशः आईईडीसीएल, पावर ग्रिड, एसजेवीएन एवं एनईए के क्रमशः 38%, 26%, 26% और 10% में इक्विटी भागीदारी से युक्‍त एक संयुक्‍त उपक्रम है।

ट्रांसमिशन परियोजना पोर्टफोलियो:

एसजेवीएन ने पावर ग्रिड, आईएलएंडएफएस तथा नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के साथ संयुक्‍त उपक्रम- क्रॉस बार्डर पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीपीटीसी) में 19.02.2016 को सुरसंद (भारत-नेपाल सीमा) तथा मुजफ्फरपुर के मध्‍य 86 सीकेएम 400 केवी डबल सर्किट इंडो-नेपाल क्रॉस बार्डर पावर ट्रांसमिशन कॉरिडोर को कमीशन किया I इसे भारत एवं नेपाल के माननीय प्रधानमंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से 20.02.2016 को दोनों राष्ट्रों को समर्पित किया गया था I उपरोक्त के अलावा, कंपनी भारत-नेपाल सीमा पर इसकी 900 मेगावाट की अरुण-3 परियोजना के लिए 217 कि.मी. की 400 केवी डबल सर्किट एसोसिएटिड ट्रांसमिशन लाईन, अरुण -3 एचईपी पॉट हेड यार्ड से बथनाहा तक के कार्यान्वयन में लगी हुई है।

Transmission Line

मुख्य विशेषताएं

  • 86 किमी, 400 केवी डी/सी भारत-नेपाल विद्युत लाइन
  • पावर ग्रिड, आईएलएंडएफएस और एनईए के साथ साझेदारी
  • 217 किलोमीटर नई लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है
  • क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना

वित्‍तीय निष्‍पादन

एसजेवीएन मजबूत लाभप्रदता और परिचालन उत्कृष्टता के साथ निरंतर वित्तीय विकास प्रदान करना जारी रखे हुए है।

₹3,376.50 Cr

कुल आय (वित्त वर्ष 2024–25)

₹818.02 Cr

कर के बाद लाभ (वित्त वर्ष 2024–25)

एसजेवीएन – एक नवरत्न कंपनी

30 अगस्त, 2024 को भारत सरकार द्वारा “नवरत्न” का दर्जा प्रदान किया जाएगा।

एसजेवीएन – अनुसूची 'ए' कंपनी

सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा निर्धारित मानदण्डों को पूरा करने पर एसजेवीएन को अर्हता प्राप्त हुई तथा 2008 में इसे अनुसूची 'ए' पीएसयू के रूप में अपग्रेड किया गया।